Friday, March 14, 2014

मेरी दुनिया "तुम " में हैं !

मेरी दुनिया "तुम " में हैं ,
तुम" तो बस जानते हो पर , मैं तो तुम्हे जानती हूँ !
तुम मुझे मानते बहुत हो , पर मैं तो तुम्हारी हर बात मानती हूँ !
तुम सुबह का सूरज देखते हो , पर मैं रातभर अपना चाँद "तुम " में  देखती हूँ !
तुम सबकुछ भूल जाते हो , पर मैं सिर्फ तुम्हे याद रखती हूँ !
"तुम" दुनिया की परवाह करते हो , मेरी दुनिया "तुम "में हैं !
--------------------------------------------  "अर्चना शर्मा "

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