पूरी हूँ, मैं कुछ अधूरे से
ख्वाबों के साथ,
अधूरी हु मैं किसीके अधूरे
वादे के साथ,
चलते थे साथ जो कभी पीछे
छुट गये ,
मेरे अपने शीशे की तरह
गिरके टूट गये,
अक्सर समेत लेती हु उनको,
बिखरे से रिश्ते नातों के
साथ ,
पूरी हूँ मैं कुछ अधूरे से
ख्वाबों के साथ....
very nice.........
ReplyDeleteReally heart touching lines
ReplyDeleteVery nice n touchy. Superb
ReplyDeletethanks Khan saab
ReplyDeletePMCI धन्यवाद
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